बालिका शिक्षा

इस्लामी ज्ञान के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाना

जामिया अरबिया हथौरा में बालिका शिक्षा

जामिया अरबिया हथौरा में बालिका शिक्षा

इस्लाम में बालिका शिक्षा का महत्व

इस्लाम शिक्षा को सभी मनुष्यों के लिए एक दैवीय अधिकार के रूप में मान्यता देता है। इस्लाम में बालिका शिक्षा के महत्व को क़ुरआनी आयतों और हदीसों (पैग़म्बर मुहम्मद, सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के प्रामाणिक कथन) दोनों द्वारा रेखांकित किया गया है।

शिक्षा एक विशेषाधिकार नहीं बल्कि हर मुसलमान, पुरुष और महिला के लिए एक बुनियादी अधिकार है। इस्लाम सभी व्यक्तियों को, लिंग की परवाह किए बिना, पालने से क़ब्र तक ज्ञान प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

क़ुरआन और हदीस से प्रमाण

ज्ञान प्राप्त करने पर दैवीय मार्गदर्शन

क़ुरआन ज्ञान पर

ٱقْرَأْ بِٱسْمِ رَبِّكَ ٱلَّذِى خَلَقَ
"अपने रब के नाम से पढ़ो जिसने पैदा किया।"
— सूरह अल-अलक़ (96:1-5)

पैग़म्बर की शिक्षा

طَلَبُ الْعِلْمِ فَرِيضَةٌ عَلَى كُلِّ مُسْلِمٍ
"ज्ञान प्राप्त करना हर मुसलमान के लिए अनिवार्य है।"
— पैग़म्बर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम)

जामिया अरबिया हथौरा बालिकाओं के लिए

जामिया अरबिया हथौरा में छात्राओं के लिए हथौरा में एक समर्पित मदरसा है, जो एक सुरक्षित और पोषण वाले वातावरण में विभिन्न पाठ्यक्रम प्रदान करता है।

योग्य शिक्षिकाएँ

अलग, सुरक्षित परिसर विंग

हिफ्ज़ और आलिमा प्रोग्राम उपलब्ध

हमारा बालिका अनुभाग इस्लामी मूल्यों और परंपराओं को बनाए रखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हम मानते हैं कि शिक्षित महिलाएँ एक मज़बूत समाज की नींव हैं।